भारत में टॉप डॉग्स की नस्लें

Hindi • October 03, 2022

👤 By: Animalsss
📅 Oct 03, 2022
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भारत में टॉप डॉग्स की नस्लें

 

डॉग को लंबे समय से "मनुष्य के सबसे अच्छे दोस्त" के रूप में जाना जाता है। डॉग  को दुनिया में सबसे वफादार और बुद्धिमान जानवरों में से एक होने के लिए जाना जाता है। डॉग  इंसानों के लिए पालतू जानवर के रूप में पहली पसंद हैं। ऐसे बहुत से लोग हैं। जो हज़ारों लाखों ख़र्च कर कुत्तों की नई-नई विदेशी नस्लें मंगवाते हैं। और उन्हें बच्चों की तरह पालते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय डॉग  भी किसी तरह से कम नहीं, सूझबूझ से लेकर शारीरिक क्षमता में इनका कोई जवाब नहीं,  आज दुनिया में डॉग  की 340 से अधिक नस्लें मौजूद हैं। भारत में अधिकांश पालतू डॉग और प्रहरी विदेशी नस्ल के हैं।

 

भारत में सबसे लोकप्रिय डॉग्स की नस्लों की सूची दी गई है:

 

1. गोल्डन रिट्रीवर्स डॉग  (Golden retrievers Dog)

2. जर्मन शेफर्ड डॉग    (German Shepherd Dog)

3. दचशुंड डॉग   (Dachshund Dog)

4. बीगल डॉग   (Beagles Dog)

5. बॉक्सर डॉग   (Boxer Dog)

6. तिब्बती मास्टिफ डॉग  (Tibetan Mastiff Dog)

7. लैब्राडोर डॉग   (Labrador Retriever Dog)

8. पग डॉग   (Pug Dog)

9  ग्रेट डेन डॉग   (Great Dane Dog)

10. रॉटवीलर डॉग   (Rottweiler Dog) 

11.डोबर्मन डॉग  (Doberman Dog)

12.पोमेरेनियन डॉग  (Pomeranian Dog)

13. डालमेटियन डॉग   (Dalmatian Dog)

15.भारतीय स्पिट्ज डॉग   (Indian Spitz-Dog)

 

1. गोल्डन रिट्रीवर्स डॉग   (Golden retrievers Dog)

 

किसी भी डॉग का स्वभाव  उसके चरित्र को स्थापित करता है। तथा गोल्डन रिट्रीवर एक शांत और मधुर स्वभाव वाली नस्ल है। एवम यह अपने इसी स्वभाव के कारण इतने ज्यादा लोकप्रिय  है। और लोगो द्वारा पसंद किए जाते हैं। .गोल्डन रिट्रीवर को सभ्य और आज्ञाकारी बनाने के लिए इसे छोटी उम्र से ही जरूरी ट्रेनिंग देना भी बहुत आवश्यक होता हैं। गोल्डन रिट्रीवर एक बुद्धिमान और समझदार नस्ल  है। जिसे प्रशिक्षित करने मै ज्यादा अधिक समस्या नहीं होती हैं। गोल्डन रिट्रीवर डॉग अपने मालिक और परिवार का स्नेह और दुलार पाने के लिए बेहद उत्सुक होते है। तथा आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए अलग अलग क्रियाएं कर सकते हैं।  गोल्डन रिट्रीवर एक फैमिली डॉग ब्रीड है। जिन्हे अपने मालिक के साथ घर के अंदर रहना पसंद होता हैं। इसे आप अकेले एक स्थान पर बाध कर नही रख सकते ऐसा करने पर यह मायूस और उदास हो जाते हैं। गोल्डन रिट्रीवर डॉग बच्चों के साथ बड़े कोमल और उत्साही स्वभाव के होते हैं। यह बच्चो के साथ खेलना और उद्यम करना बहुत प्रिय होता हैं। अन्य नस्लों की तरह ही गोल्डन रिट्रीवर डॉग बॉल, चाउ टॉय, अख़बार और कई अन्य खिलौने के साथ खेलने के लिए बहुत उत्साही होते है। तथा उन्हें अपने मुंह मै दबाकर कर आपके पास लाने मैं गोल्डन रिट्रीवर को बहुत खुशी होती हैं।

 

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व्‍यवहार  ( Behavior ) प्यार करने वाला और आज्ञाकारी
समूह  ( Group ) स्पोर्टिंग ग्रुप
ऊंचाई  ( Height ) 20 - 24 इंच
जीवन काल  ( Life span ) 12 - 15 वर्ष
स्वभाव  ( Terperament ) मिलनसार बुद्धिमान समर्पित
विशेष लक्षण  ( special features ) आउटगोइंग और मालिक के प्रति रॉयल
वज़न  ( Weight )

Female 25 - 32 Kg

Male 30 - 34 Kg


 

2. जर्मन शेफर्ड डॉग    (German Shepherd Dog)

 

जर्मन शेफर्ड बड़े आकार के डॉग  हैं। इनका जन्म स्थल जर्मनी है। इस कारण इस नस्ल के डॉग्स को जर्मन शेफर्ड नाम दिया गया है। यह नाम ( German + Shepherd ) का संयोजन है। हिंदी में शेफर्ड का अर्थ है। भेड़ों को चराने वाला। जर्मन शेफर्ड एक कामकाजी डॉग्स  की नस्ल है। जर्मन शेफर्ड नस्ल को इनके ब्रिटिश नाम अल्सेशियन के नाम से भी जाना जाता है। जैसा कि इनके नाम शेफर्ड से ज्ञात होता है। ये डॉग्स भेड़ों के झुंड को चराने, उनकी रक्षा करने और उन्हें कंट्रोल करने के काम में माहिर होते हैं। आज भी यूरोपीय देशों में इसे इस काम में इस्तेमाल के लिए लिया जाता है। इस नस्ल के डॉग्स अत्यधिक वफादार माने जाते हैं।

जर्मन शेफर्ड नस्ल दुनिया की सबसे पसंदीदा डॉग्स  की नस्लों में शुमार है। जर्मन शेफर्ड नस्ल के डॉग उनकी ताकत, बुद्धि प्रशिक्षण और आज्ञा पालन के कारण विकलांगों के सहयोग, सहायता, खोज और बचाव पुलिस सैन्य भूमिकाओं और अभिनय सहित कई प्रकार के कार्यों के लिए आदर्श पालतू जानवर हैं।

 इस नस्ल के डॉग्स की खासियत यह है कि अत्यंत शांत और सौम्य स्वभाव के साथ-साथ अपने टारगेट के प्रति काफी आक्रमक भी होते हैं हालांकि यह बहुत ज्यादा दोस्ताना भी नहीं होते लेकिन बिना कारण किसी को नुकसान भी नहीं पहुंचाते।

 

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व्‍यवहार  ( Behavior ) जिज्ञासु, वफादार, बुद्धिमान और साहसी
समूह  ( Group ) कार्य समूह 
विशेष लक्षण  ( special features ) दुनिया में सबसे अच्छे रक्षक कुत्ते
जीवन काल  ( Life span ) 09 - 13 वर्ष
स्वभाव  ( Terperament ) स्नेही वफादार साहसी
ऊंचाई  ( Height )

Female 22 - 24 इंच

Male 24 - 26 इंच

वज़न  ( Weight )

Female 20 - 33 Kg

Male 30 - 40 Kg

 

आमतौर पर जर्मन शेफर्ड या तो भूरे काले या फीके लाल पीले व काले मिश्रित रंग के होते हैं। या पूरे काले और सफेद रंग के भी होते हैं। नर जर्मन शेफर्ड की मानक ऊंचाई 60 से 65 सेंटीमीटर 24 से 26 इंच और माताओं की 55 से 60 सेंटीमीटर 22 से 24 इंच और नर कुत्ते का आकार 30 से 40 किलोग्राम जबकि मादा का वजन 20 से 33 किलोग्राम होता है। इस नस्ल के डॉग्स अन्य अधिकांश नस्लों के डॉग्स से लंबे होते हैं।

 

3. दचशुंड डॉग (Dachshund Dog)

 

दचशुंड डॉग्स अपने आकार के बावजूद अपने साहसी स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। और अपने से बहुत बड़े जानवरों को ले लेंगे। कुछ अजनबियों और अन्य डॉग के प्रति आक्रामक हो सकते हैं।

पारिवारिक कुत्तों के रूप में, दक्शुंड वफादार साथी और अच्छे निगरानीकर्ता हैं। अगर बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार किया जाए तो वे बच्चों के साथ अच्छे होते हैं। उन्हें प्रशिक्षित करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

कुछ दछशुंड प्रशंसक कहते हैं कि इस नस्ल की विभिन्न किस्मों के बीच व्यक्तित्व का अंतर हैं। उदाहरण के लिए, लंबे कोट वाले दक्शुंड चिकने-कोट किस्म की तुलना में कथित तौर पर शांत होते हैं। और तार-कोट दछशुंड अधिक जावक और जोकर की तरह होते हैं।

दचशुंड डॉग्स को शिकारी के रूप में पाला गया था, इसलिए इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि उनमें से कई खुदाई करना पसंद करते हैं। कुछ भौंकने वाले भी हैं। और, एक सर्वेक्षण में, दक्शुंड विनाशकारीता के लिए उच्च स्थान पर हैं। 

दचशुंड डॉग्स का पाचन तंत्र छोटा होता है, फिर भी उनकी ऊर्जा की आवश्यकता अधिक होती है। इससे उन्हें प्रोटीन सामग्री में उच्च आहार की आवश्यकता होती है।

दचशुंड डॉग्स की कीमत भारत में रु 7000 से रु 9000 हो सकती हैं।

 

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व्‍यवहार  ( Behavior ) दचशुंड कुत्ते हैं जो अपनी हमेशा सतर्क अभिव्यक्ति के लिए प्रसिद्ध है।
समूह  ( Group ) हाउड समूह
विशेष लक्षण  ( special features ) छोटे होने के बावजूद अपने भौंक bark से हर किसी को डरा सकते हैं।
जीवन काल  ( Life span ) 12 - 14 वर्ष
ऊंचाई   ( Height ) 

8 - 9 इंच ( Miniature )

13 - 16 इंच ( Standard )

वज़न  ( Weight )

11 Pounds ( Miniature )

16 - 32 Pounds ( Standard )

 

दचशुंड डॉग्स को सैकड़ों साल पहले जर्मनी में बैजर्स का शिकार करने के लिए प्रतिबंधित किया गया था। “डच” का अर्थ है बेजर और “हुंड” का अर्थ है कुत्ता। दछशुंड की तीन किस्में, चिकनी-, तार- और लंबी-लेपित, अलग-अलग समय पर उत्पन्न हुईं। चिकना पहला था और एक लघु फ्रेंच सूचक और एक पिंसर के मिश्रण से उत्पन्न हुआ। नस्ल भी दो आकारों में आती है: मानक और लघु, मानक के साथ मूल आकार।

दचशुंड डॉग्स में छोटे, मजबूत पैर होते हैं जो कुत्ते को शिकार को खोदने और बिल के अंदर जाने में सक्षम बनाते हैं। हिरण या लोमड़ी का पीछा करने के लिए नस्ल के बड़े संस्करणों का इस्तेमाल किया गया था। छोटे दक्शुंड को खरगोश और फेरेट्स के शिकार के लिए पाबंद किया गया था। इस नस्ल का उपयोग अभी भी शिकार के लिए किया जाता है, मुख्यतः यूरोप में, लेकिन उत्तरी अमेरिका में यह कुत्ता आमतौर पर एक पारिवारिक पालतू जानवर होता है। 

 

4. बीगल डॉग्स  (Beagles Dog)

 

बीगल एक छोटे आकार वाली नस्ल हैं जो की एक छोटे स्थान अथवा घर में पालने के लिए उपयुक्त नस्ल है यह बच्चो के प्रति अति उत्साहित और दोस्ताना स्वभाव रखने वाली डॉग ब्रीड है जो की एक छोटे बच्चो वाले परिवार मैं पालने के लिए बिलकुल योग्य हैं।

यह छोटे आकार की नस्ल है जो कि मुख्य रूप से शिकार के उद्देश्य के लिए विकसित की गई है। इनकी सूंघने की क्षमता बहुत तेज होती है। इस नस्ल के कुत्तों का अैसतन कद 13 - 15 इंच होता है। और औसतन भार 9-15 किलो होता है। इस नस्ल का औसतन जीवन काल 13-16 वर्ष होता है। यह नस्ल घर में रखने के लिए सबसे प्रसिद्ध नस्लों में से एक है। क्योंकि इसका आकार घना होता है। और ये मैत्रीपूर्ण प्रकृति के होते हैं। और इनकी देखभाल आसानी से की जा सकती है। बीगल सबसे ज्यादा काले और गहरा भूरे रंग में पाये जाते हैं। इनकी छाती, पेट और टांगे सफेद रंग की होती है। गहरे भूरे रंग का सिर होता है और पूंछ का ऊपरी सिरा सफेद रंग का होता है। दूसरा सबसे प्रसिद्ध रंग सफेद है जिसमें गर्दन, मुंह, टांगे और पूंछ के सिरे पर लाल रंग के धब्बे होते हैं। 

 

बीगल डॉग का स्वभाव 

 

बीगल एक बहुत बेहतरीन और मजेदार नस्ल के रूप मैं जानी जाती हैं। जिनका स्वाभाव बेहद चंचल और मनोरजक होता हैं। यह अपने परिवार और मालिक के प्रति पूर्णतः सम्पर्पित होते हैं। 

बीगल नस्ल स्वभाव से हटी और जिद्दी होते हैं। तथा यही आदत आपको कभी कभी परेशान भी कर सकती हैं।  एवं आपको अपनी बात मनवाने के लिए कभी कभी पुरस्कार का सहारा भी लेना पड़ सकता हैं। ऐसी स्थिति से बचाव के लिए जरुरी प्रशिक्षण बहुत महत्वपूर्ण हैं। 

बीगल एक पारिवारिक डॉग हैं। तथा यह अपने आप को परिवार का ही हिस्सा समझते हैं। तो यह आवश्यक हैं। की आप इसके साथ एक परिवार के सदस्य की तरह ही इसके साथ व्यव्हार करे। 

बीगल नस्ल को अकेले रहने की आदत नहीं होती हैं। तथा यह अकेले रहने पर अत्यधिक भौकते हैं। व् घर की चीजों को नुक्सान पहुंचाते हैं। तो यह जरूरी हैं की आप इसे घर पर ज्याद अधिक देर के लिए अकेला न छोड़े। 

बीगल पालने वाले लोगो का व्यक्तिगत अनुभव यह बताता हैं की बीगल डॉग एक अनुसाशित नस्ल हैं। जिसे प्रशिक्षित में करने बहुत समस्या होती हैं। एवं इन्हे ट्रेंड करने मैं बहुत अधिक समय लगता हैं। 

 

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व्‍यवहार  ( Behavior ) बेहद मिलनसार और बुद्धिमान
समूह  ( Group ) हाउंड समूह
विशेष लक्षण  ( special features ) गंध सूंघने की क्षमता अत्यधिक
जीवन काल  ( Life span ) 13 - 16 वर्ष
ऊंचाई  ( Height ) 13 - 15 इंच
वज़न  ( Weight )

9 - 15 Kg


 

बीगल डॉग का इतिहास

 

बीगल डॉग ब्रीड मूल देश इंग्लैंड की है। आज हम जिस बीगल नस्ल को जानते है। वह दरअसल ग्यारवी सदी मैं सेंट ह्यूबर्ट हाउंड,ग्रेहाउंड और टैलबोट हाउंड नस्लों के साथ क्रॉस ब्रीडिंग करके विकसित किया गया था। पद्रहवी सताब्दी मध्य से लेकर सोलहवीं शताब्दी के दौरान बीगल डॉग का उपयोग खरगोस के शिकार के लिए किया जाता था। लेकिन वह शिकार करने के प्रति इतने सक्षम और काबिल नही थे। सन् 1830 मैं रेव रेड फिलिप हनीवुड ने इंग्लैंड के एसेक्स सहर मैं बीगल पैक की स्थापना की जिसे की आधुनिक समय के बीगल का आधार माना गया।इंग्लैंड में सन 1890 मैं जब बीगल के 18 पैक मौजूद थे। तथा इसके बाद प्रथम बीगल क्लब की स्थापना हुई एवम इसी के साथ एसोसिएशन ऑफ मास्टर्स ऑफ हैरियर्स एंड बीगल्स का भी गठन किया गया जिसका काम बीगल नस्ल की मानकों कों हितो और इसके सर्वोत्तम उत्पादन को आगे बढ़ाना था।

 

5. बॉक्सर डॉग  (Boxer Dog)

 

जर्मनी में विकसित बॉक्सर एक छोटे कद की, माध्यम आकार की, छोटे बालों वाली डॉग की नस्ल है। इसकी त्वचा का आवरण चिकना और हल्के पीले (Fawn), चितकबरे, या सफ़ेद रंग का होता है या रिवर्स चितकबरे के साथ सफ़ेद धारियों से युक्त या सफ़ेद धारियों से रहित भी हो सकता है। बॉक्सर की खोपड़ी चौड़ी और छोटी होती है ब्रेकीसिफेलिक, इनकी थूथन वर्गाकार होती है, इनके मेंडीबुलर या जबड़े उदगतहनु (mandibular prognathism) प्रकार के होते हैं, (underbite अर्थात जबड़े अन्दर की और धंसे हुए से) जबड़े बहुत मजबूत होते हैं और एक बड़े शिकार को भी शक्ति के साथ काट सकते हैं। बॉक्सर अंग्रेजी बुलडॉग (English Bulldog) और अब विलुप्त हो चुके बुलेनबीसर (Bullenbeisser) के संकरण से बनाई गयी नस्ल है और मोलोसर (Molosser), मासटिफ समूह (mastiff group) का हिस्सा है।

 

बॉक्सर को सबसे पहले 1895 में मुनिच में सेंट बर्नार्ड के लिए किये गए एक डॉग शो में प्रदर्शन के लिए रखा गया, जो पहला बॉक्सर क्लब था। 2009 के अमेरिकी केनल क्लब के आंकड़ों के आधार पर, बॉक्सर संयुक्त राज्य अमेरिका में एक श्रृंखला में तीसरे साल के लिए डॉग्स  की छठी सबसे लोकप्रिय नस्ल है-यह 2007 में सातवें स्थान से आगे आयी, 2002 के बाद से वे इसी स्थान पर बने हुए थे। 

 

व्‍यवहार  ( Behavior ) कोमल मिलनसार 
समूह  ( Group ) कार्यकारी समूह
विशेष लक्षण  ( special features ) सबसे अच्छे रक्षक
जीवन काल  ( Life span ) 07 - 10 वर्ष
ऊंचाई  ( Height )

23 - 25 इंच (Male)

21.5 - 23.5 इंच (Female)

 वज़न  ( Weight )

27  - 32 Kg (Male)

25 - 29 Kg (Female)

 

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6. तिब्बती मास्टिफ डॉग (Tibetan Mastiff Dog)

 

तिब्बतन टेरियर तिब्बत में पाया जाने वाला एक दुर्लभ नस्ल का डॉग है। इसे यह नाम तिब्बत घूमने गये किसी यूरोपीय यात्री ने दिया था। यह देखने में बिल्कुल ल्हासा एप्सो जैसा ही होता है। किन्तु कद काठी में उससे कुछ ज्यादा होता है। इसकी आवाज इतनी बुलन्द होती है कि सुनने वाले के मन में भय (अंग्रेजी में टेरर) उत्पन्न करती है। सम्भवत: इसी कारण इसे "तिब्बतन टेरियर" नाम दिया गया होगा। मालिक की सुरक्षा करने और घर की रखवाली करने में इससे बेहतर नस्ल का अन्य कोई भी पालतू प्राणी नहीं है।

अमरीका के वर्तमान राष्ट्रपति बराक ओबामा के पास इसी नस्ल से मिलता जुलता पुर्तगीज वाटर डॉग (अंग्रेजी: Porutguese water dog) प्रजाति का डॉग है। 

आधुनिक डीएनए टेस्ट से यह सिद्ध हो चुका है कि तिब्बतन टेरियर डॉग्स की सबसे प्राचीन व दुर्लभ प्रजातियों में से एक है। यह बहुत ही होशियार किस्म का होता है तथा इसकी आयु भी सामान्य  डॉग्स से अधिक होती है।

इन्हें काम करने वाले कुत्तों के रूप में जाना जाता है। इस नस्ल के कुत्ते बड़े आकार के होते हैं। इनका सिर चौड़ा होता है जो कि भारी और मजबूत, काले रंग की नाक, सुदृढ़ गर्दन, मुड़ी हुई और पंखों वाली पूंछ और सीधी टांगे होती हैं। ये कई रंगों में पाये जाते हैं जैसे भूरे, काले और नीले-सलेटी। तिब्बतन मास्टिफ के नर का कद 2.1 फीट और मादा का कद 2 फीट होता है। इस नसल के नर का औसतन भार 45-70 किलो और मादा का औसतन भार 35-55 किलो होता है। इस नसल का औसतन जीवन काल 15 या इससे अधिक वर्ष का होता है। यह नस्ल 5-12 पिल्लों को जन्म देती हैं। 

 

तिब्बती मास्टिफ डॉग का इतिहास

 

तिब्बतन टेरियर शताब्दियों से तिब्बत का सबसे पवित्र (अंग्रेजी में होली डॉग) पालतू जानवर माना जाता है। इसके बारे में आम मान्यता है कि यह हिमालय पर्वत की ऊँची चोटियों पर रहने वाले सन्यासी लोगों के नितान्त व्यक्तिगत सानिध्य में रहने और एक कमाण्डो की भाँति उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिये प्रकृति द्वारा प्रदत्त एक ईश्वरीय रचना है। चूँकि यह प्राणी मूक रहकर भी मनुष्य की हिन्दी भाषा के कमाण्ड (आदेश) बहुत अच्छी तरह समझता है और परिवार में एक बच्चे की तरह रहता है अत: संन्यासी इसकी चिन्ता भी ठीक उसी तरह से करते हैं जैसे किसी शिशु की देखभाल की जाती है। 

प्राचीन तिब्बत का रहने वाला कोई भी तिब्बती जिसके पास यह डॉग  हो किसी भी कीमत पर उसे बेचता नहीं। क्योंकि उन लोगों की ऐसी आम धारणा है कि यह डॉग  अत्यधिक भाग्यशाली होता है। यही नहीं, इसके साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार करना मारना पीटना भी पाप कर्म माना जाता है। और तो और इसकी मादा का किसी अन्य प्रजाति के डॉग  से कृत्रिम गर्भाधान कराना भी वर्जित है। यदि धोखे से किसी अन्य प्रजाति के डॉग  से क्रॉस (अंग्रेजी में मिसमैचिंग) हो भी जाय तो पैदा होने वाले बच्चे कभी जीवित नहीं रहते चौबीस घण्टे के अन्दर अन्दर ही मर जाते हैं।

इसके पिल्ले बेचे नहीं जाते बल्कि उन्हें उपहार में ही दिया जाता है। पहला कुता जो यूरोप के देशों में पहुँचा उसे किसी तिब्बती ने ही गिफ्ट किया था। कहते हैं कि इसका पिल्ला गिफ्ट करने से घर में सुख व समृद्धि अपने आप आती है।

 

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7. लैब्राडोर कुत्ता डॉग (Labrador Retriever Dog)

 

लैब्राडोर डॉग पालने योग्य बहुत ही बेहतरीन नस्ल के डॉग है, यें पालतू कुत्ते के रूप में तथा सुरक्षा विभागों में जैसे आर्मी, पुलिस, सीआईडी इत्यादि में आपराधिक गतिविधियों का पता लगाने के लिए बहुत ही उपयोगी है, लैब्राडोर डॉग नस्ल के डॉग  की सुघने की क्षमता बहुत ही अच्छी व संक्रिय होती है।

लैब्राडोर डॉग पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले कुत्तों की नस्लों में से एक है, लैब्राडोर डॉग अपनी बुद्धिमत्ता और खास विशेषताओं के कारण लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय है, यही वजह है कि ज्यादातर लोग लैब्राडोर डॉग रखना पसंद करते हैं।  .

 लैब्राडोर डॉग  पालने के लिए बहुत अच्छी नस्ल का कुत्ता है, ये सभी प्रारूपों में खुद को साबित करने की क्षमता रखता है। लैब्राडोर डॉग पालने के लिए डॉग की एक बहुत अच्छी नस्ल है।  यह एक पालतू डॉग के रूप में और सेना, पुलिस, सीआईडी ​​आदि जैसे सुरक्षा विभागों में आपराधिक गतिविधियों का पता लगाने के लिए बहुत उपयोगी है। लैब्राडोर डॉग की नस्ल के डॉग्स  में गंध और सक्रिय की बहुत अच्छी भावना होती है।

 लैब्राडोर डॉग यानी लैब्राडोर रिट्रीवर यूनाइटेड किंगडम के रिट्रीवर गन डॉग की एक नस्ल है, इन्हें मुख्य रूप से कनाडा में मछली पकड़ने वाले के रूप डॉग में विकसित किया गया है, क्योंकि शुरुआत में डॉग की इस नस्ल का इस्तेमाल वहां मछली पकड़ने के लिए किया जाता था।  के लिए किया गया था।

 

नाम (Name) लैब्राडोर डॉग
आहार (Diet) पोषक तत्व वाले भोजन
व्‍यवहार  ( Behavior )

 चंचल, दयालु और स्पोर्टिंग

समूह  ( Group ) कार्यकारी समूह
विशेष लक्षण  ( special features ) सबसे अच्छे रक्षक
जीवन काल  ( Life span ) 12 - 14 वर्ष
ऊंचाई  ( Height )

55 - 62 CM

 वज़न  ( Weight )

29 - 36Kg (Male)

20 - 30Kg (Female)

 

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लैब्राडोर डॉग की शारीरीक संरचना 

 

 लेब्राडोर नस्ल के डॉग आकार में बड़े होते है, एक वयस्क नर लेब्राडोर का वजन लगभग 29-36 किलोग्राम तथा मादा लेब्राडोरवजन का 25-32 किलोग्राम होता है, लेब्राडोर की हाईट लगभग 55 62 सेंटीमीटर तक होती हैं तथा ये लगभग 20-30 किलोमीटर/ घंटे की रफ्तार से दौड़ सकते हैं। लेब्राडोर डॉग के शरीर में उपस्थित बाल घने, छोटे तथा बहुत ही मुलायम होते हे तथा लेब्राडोर डॉग बालो का कोट जल प्रतिरोधी होता है जोकि इनको इनको ठंड से बचाता है।

 

लैब्राडोर डॉग का इतिहास 

 

लेब्राडोर नस्ल के डॉग की उत्पत्ति न्यूफाउंडलैंड से हुयी हैं, न्यूफाउंडलैंड कनाडा में उपस्थित हैं जिसे पहली बार सोलहवीं सताब्दी में मस्टिफ़ और सेंट जॉन डॉग के प्रजनन से पुर्तगाली मछवारों द्वारा खोजी की गई थी, शुरुआत में इसको सेंट जॉन डॉग तथा न्यूफाउंडलैंड के नाम से जाना जाता था लेकिन जब इसे इंग्लैंड लाया गया तब वहाँ पर इसका नाम बदल कर लेब्राडोर रख दिया गया।

 

8. पग डॉग्स  (Pug Dog)

 

पग नस्ल मुख्य रूप से एक चाइनीज मूल की डॉग ब्रीड है जिसे राजा महाराजाओं द्वारा प्राचीन समय मै एक शाही कुत्ते के रूप मै पाला जाता था और एक शाही लोगो की तरह ही अत्यधिक महत्व दिया जाता था। पग नस्ल प्राचीन समय मै चीनी सम्राटों के बेहद प्रिय हुआ करते थे जिन्हे सैनिकों द्वारा सुरक्षा प्रदान की जाती थी। इसके बाद पग नस्ल एशिया के कई हिस्सों मैं फेल गय तथा तिब्बती बौद्ध भिक्षुओं द्वारा मठों मैं भी इन्हे एक पालतू कुत्ते के रूप मै पाला जाने लगा। पग डॉग को सोलहवीं शताब्दी मैं यूरोप लाया गया यहां पग ने कुछ अपराधियों के बारे सचेत करके ऑरेंज प्रांत के राजकुमारकी जान बचाई। यूरोप मैं आने के बाद पग डॉग वहां इसे चार्ल्स स्पाइनल के साथ पाला जाने लगा। तथा पग नस्ल ने इंग्लैंड मैं विलियम थर्ड और मैरी सेकेंड के साथ कई यात्राएं की किसकी वजह से यह यूरोपीय देशों मैं और भी ज्यादा चर्चित और लोकप्रिय हो गए। तथा इसके बाद उन्नीसवी सताब्दी मैं इंग्लैंड की महारानी विक्टोरिया के देखरेख मैं पग नस्ल का काफी विकास हुआ कई क्लबो की स्थापना हुई। तथा धीरे धीरे पग नस्ल पूरे विश्व मैं बहुत लोकप्रिय हो गए तथा ब्राजील मैं सन 2004 मैं आयोजित वर्ल्ड डॉग शो मैं मास्टरपीस नाम के एक पग डॉग बेस्ट इन शो का अवॉर्ड मिला।

 

पग डॉग का स्वाभाव

 

जब भी हम एक डॉग पालते है तो हमे उसके स्वभाव से परिचित होना बेहद जरूरी होता है क्योंकि हर डॉग ब्रीड का अपना एक अलग व्यक्तिव और स्वभाव होता है तथा एक पग के स्वभाव के अनुसार ही आप उसे बेहतर तरीके से संभाल सकते हैं।

1.पग एक फैमिली डॉग ब्रीड है इन्हें आप एक शिकारी या गार्ड डॉग की तरह बिल्कुल भी न समझे यह अजनबियों के साथ भी काफी दोस्ताना और मिलनसार स्वभाव रखते है।

2. पग डॉग लोगो द्वारा पकड़े जाने ओर उनके द्वारा खिलाए जाने के लिए बेहद उत्सुक होते है यही जिज्ञासा इन्हे लोगो के पीछे भागने के लिए भी उत्साहित करती हैं।

3.बाकी अन्य नस्लों की तरह ही एक पग डॉग को जरूरी ट्रैनिंग की अवश्यकता होती है जो की इसे सभ्य और आज्ञाकारी बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं इसके अलावा सामाजिक परिचय भी बेहद आवश्यक होता है।

सामाजिक परिचय पग को बाहरी दुनिया और तौर तरीको के बारे मैं बताता है।

4.पग डॉग को अपने फैमिली के साथ रहना पसंद होता है तथा यह आपके साथ आपके बिस्तर और काउच पर भी बैठने की इच्छा जाहिर करेगे। आप यह इसके बैठने पर सहमत है तो इसे अनुमति दे सकते है अन्यथा रोकने के लिए आपको शुरुवाती दिनों से रोकने की आवश्यकता होगी।

5.पग एक पारिवारिक डॉग है तथा आप यदि एक पग डॉग को पालते है तो आपको इसे एक परिवार के सदस्य के रूप मै अपनाने की आवश्यकता होती है एवं इसके साथ व्यव्हार भी एक फैमिली मेंबर की तरह ही करने की जरूरत होती हैं।

 

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नाम (Name) लैब्राडोर डॉग
आहार (Diet) पोषक तत्व वाले भोजन
व्‍यवहार  ( Behavior )

 पग डॉग (Pugs Dog) छोटे घरों और अपार्टमेंट में रहने वाले  बेस्ट है.

समूह  ( Group )  खिलौना समूह
विशेष लक्षण  ( special features )  सबसे अच्छे परिवार के कुत्तों में से एक
जीवन काल  ( Life span ) 12 - 15 वर्ष
ऊंचाई  ( Height )

11 - 13 Inches

 वज़न  ( Weight )

15 - 18 pounds (11 - 16 Kg)

 

पग डॉग की शारीरिक संरचना

 

एक व्यस्क पग का औसतन वजन 6 से 8 किलोग्राम तक होता है एवम हाईट 10 से 13 इंच तक होती है एवम एक पग डॉग का जीवनकाल 13–15 वर्षो का होता हैं। पग का सिर सामने से गोल आकार का दिखता है एवं गाल जुर्रियों से भरी होती जो इसकी विशिष्ठ पहचान हैं आंखें बड़ी और गोल होती है मुंह सामने से देखने पर A आकार मैं प्रतित होता हैं। कान छोटे आकार आकार के होते है पग के छोटे आकार के होते हैं एवम पूछ छोटी ऊपर की होती हैं।

 

9  ग्रेट डेन डॉग्स  (Great Dane Dog)

 

ग्रेट डेन, अपोलो, डैनिश गैलेंट, ड्यूश डॉगी, बोअरहाउंड, ग्रैण्ड डेनॉइस या जर्मन मास्टिफ अपने विशाल आकार के लिये जाने जाने वाले पालतू कुत्ते (कैनिस ल्युपस फैमिलियरिस) की एक नस्ल है। इस नस्ल को सामान्यतः "सभी प्रजातियों का अपोलो" कहा जाता है।

इस नस्ल को सामान्यतः "सभी प्रजातियों का अपोलो" कहा जाता है। ग्रेट डेन विश्व में कुत्तों की सबसे ऊंची नस्लों में से एक है और केवल आयरिश वुल्फ़हाउण्ड ही औसतन इससे ऊंचा होता है। पंजे से कंधे तक 109 सेमी और सिर से पूंछ तक 220 सेमी लंबाई के साथ जॉर्ज वर्तमान विश्व-रिकॉर्ड धारी है।

अपने लंबे इतिहास में ग्रेटडेन एक बेहतरीन लड़ाकू कुत्ता, शिकार कुत्ता, गाड़ी कुत्ता, प्रहरी, और एक अंगरक्षक कुत्ता है। आज भी इसका उपयोग किया जाता है एक प्रहरी के रूप में, लेकिन इसकी सुंदरता और अच्छे स्वभाव के कारण, इसे सजावटी साथी के रूप में सबसे ऊपर की मांग की जाती है। कुछ जानकर मानते हैं कि ग्रेट डेन ड्यूश डोग GREAT DANE Deutsche Dogge की उत्पत्ति 36 बी.सी. ग्रीक में हुई है, इनमे और वर्तमान GREAT DANE Deutsche Dogge में समानता है। ग्रेट डेन को अपोलो ऑफ डॉग्स कहा जाता हैं।

हमारे पास इस नस्ल के बारे में कई शताब्दियों के बाद की अवधि में 407 ए.डी. जर्मन गॉल German Gaul और इटली और स्पेन के कुछ हिस्सों में अधिक सटीक अभेद्य इन्फोरमेशन हैं, एशियाई लोगों द्वारा हमला किया गया था, जो कि शक्तिशाली शक्तिशाली मोस्टिफिक कुत्तों mastifflike dogs को साथ लाये थे।

जर्मनी में विशेष रूप से जहां ये शानदार जानवर भालू और जंगली सूअरों पर काबू पाने में सक्षम थे, वहाँ कुत्तों को आयरिश ग्रेहाउंड Irish greyhounds के साथ क्रॉस किया गया था। जो नस्ल हुई, वह सुंदर बड़े पतले चुस्त कुत्ते थे, जिसे आज ग्रेट डेन के रूप में जाना जाता है। इस तथ्य के बावजूद कि उन्हें अंग्रेजी में Danes कहा जाता है, इन कुत्तों का डेनमार्क से कोई लेना-देना नहीं है।

 

व्‍यवहार  ( Behavior )

मिलनसार बच्चों, लोगों और अन्य कुत्तों से प्यार करने वाला

समूह  ( Group ) कार्यकारी समूह
विशेष लक्षण  ( special features )  Great Dane (ग्रेट डेन) को 'Apolls of Dogs' नाम से जानते हैं
जीवन काल  ( Life span ) 10 - 12 वर्ष
ऊंचाई  ( Height )

30 - 32 Inches (Male)

28 - 30 Inches ( Female)

 वज़न  ( Weight )

45 - 59 Kg (Female)

54 - 90 Kg (Male)

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10. रॉटवीलर डॉग्स  (Rottweiler Dog) 

 

रॉटविलर डॉग एक गार्ड के रुप मैं जाने जानी वाली डॉग नस्ल है जो की भारत मैं बेहद लोकप्रिय नस्ल है यह एक मस्कुलर और ताकतवर डॉग ब्रीड है जिसका इस्तेमाल कई सुरक्षा संस्थानों मैं भी किया जाता है।

रॉटविलर डॉग एक मध्यम और बड़े आकार के होते है जिसे भारत मैं अधिकतर लोग इसे एक गुस्सैल और खतरनाक डॉग के तौर पर जानते है। इस लेख मैं हम रॉटविलर डॉग के बारे मैं एवं से जुड़े कुछ तथ्यों के बारे में जानेंगे।

 

रॉटवीलर डॉग्स का इतिहास

 

रॉटविलर एक बहादुर, शक्तिशाली और बुद्धिमान डॉग की नस्ल है जिसका मूल देश जर्मनी हैं तथा रॉटविलर का नाम रोटविले शहर के नाम पर रखा गया था एवं इसे उस समय काल मैं कसाई वाले के कुत्ते के नाम से भी जाना जाता था। 

जिसका इस्तेमाल एक वर्किंग डॉग के रूप मै छोटी माल गाड़ियों को खींचने और मवेशियों को चराने और उनकी रक्षा के लिए किया जाता था।

19 वी सताब्दी के मध्य मैं जब रेलवे के चलन के बाद रॉटविलर डॉग की उपयोगिता कम होने लगी तथा एक समय यह ब्रीड खत्म होने के कगार पर पहुंच गई थी।

लेकिन प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अधिक मात्रा मैं शक्ति शाली डॉग की जरूरत देखी गई जिसमे रॉटविलर डॉग ने एक अहम भूमिका निभाई इसके बाद लोग रॉटविलर डॉग को एक गार्ड अथवा पुलिस डॉग के रूप मै जानने लगे।

सन 1931 मैं रॉटविलर डॉग को आधिकारिक तौर पर अमेरिकन केनाल क्लब द्वारा मान्यता दी गई। तथा 2017 मैं AKC द्वारा इसे अमेरिका के सबसे ज्यादा लोकप्रिय डॉग्स की श्रेणी मैं आठवां स्थान दिया गया।

 

रोटवीलर का स्वभाव

 

 रॉटविलर डॉग एक साहसी,आज्ञाकारी और आत्मविश्वास से परिपूर्ण नस्ल है यह कार्य करने के प्रति बेहद उत्सुक रहते है तथा यह अपने अभिभावक और मालिक के बेहद आज्ञाकारी होते एवम अपने परिवार के प्रति सुरक्षा का भाव रखते है।

रॉटविलर डॉग अजनबियों के प्रति बेहद सक्रिय और सतर्क होते है तथा पीछे न हटने पर या परेशान करने पर अक्रामक रवैया अपना सकते है और हमला कर सकते है।

रॉटविलर डॉग एक असामान्य ताकत वाली नस्ल हैं जिसके लिए छोटी उम्र मैं उचित समाजीकरण और प्रशिक्षण बेहद जरूरी है आपकी थोड़ी सी भी गैर जिम्मेदारी रॉटविलर डॉग को बेहद खतरनाक और विनाशकारी बना सकती है।

2008 मैं ब्रीड क्लब द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार अन्य नस्लों के अपेक्षा औसतन रॉटविलर डॉग अजनबियों के प्रति अधिक अक्रामक होते है।

 

व्‍यवहार  ( Behavior )

विशाल ताकत मालिक के प्रति अविश्वसनीय रूप से समर्पित  और वफादार

समूह  ( Group )  उपयोगिता समूह
 
विशेष लक्षण  ( special features ) रॉटवीलर रखवाली और सुरक्षा में निपुण होते हैं.
जीवन काल  ( Life span ) 8 - 10 वर्ष
ऊंचाई  ( Height )

24 - 27 Inches (Male)

22 - 25 Inches ( Female)

 वज़न  ( Weight )

35 - 48 Kg (Female)

50 - 60 Kg (Male)

 

 

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💡 Tip: Keep simple records and monitor your animals regularly. Consistent tracking helps you spot problems early and get better results over time.
⚠️ Important: If you notice any health issues, consult a veterinarian immediately. Prevention is always better than treatment.

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